सामग्री पर जाएँ
UmrahAi
उमराह गाइड

तवाफ़ का तरीका

इस हिस्से में उमराह के तवाफ़ का तरीका, तवाफ़ की नीयत और तवाफ़ के बाद के क़दम हैं। तवाफ़ के दौरान दुआओं का सिलसिला UmrahAi ऐप में ऑडियो के रूप में मौजूद है।

तवाफ़ का तरीक़ा

सफ़र के साथी, अब आप तवाफ़ की तैयारी कर रहे हैं। तवाफ़ उमराह के दो फ़र्ज़ों में से एक है; यानी यह उमराह का रुक्न है।

मस्जिदुल हराम में दायाँ पैर पहले रखकर, अदब और एहतराम के साथ दाख़िल हों। दाएँ-बाएँ देखने के बजाय सामने देखें, क्योंकि काबा शरीफ़ को पहली बार देखते समय की गई दुआ क़बूल होती है।

ऐसी जगह जहाँ से बैतुल्लाह पूरा दिखाई दे, काबा शरीफ़ को देखकर दोनों हाथ उठाएँ और “अल्लाहु अकबर” कहकर सलाम करें। फिर बैतुल्लाह को देखते हुए, आँखों में आँसुओं के साथ कहें: “अल्लाहु अकबर, अल्लाहु अकबर ला इलाहा इल्लल्लाहु वल्लाहु अकबर, अल्लाहु अकबर व लिल्लाहिल हम्द।”

हम दिल ही दिल में अपनी पसंद की कोई भी दुआ कर सकते हैं। मसलन: “ऐ मेरे रब! आज तक मैंने जो दुआएँ की हैं और आज के बाद जो दुआएँ करूँगा, मेरी वे सारी दुआएँ क़बूल फ़रमा।”

अपने बच्चों और घरवालों को याद करें और उनके लिए दुआ करें।

इसके बाद मर्द इज़्तिबा करने के लिए अपना दायाँ कंधा खोलते हैं और उमराह के तवाफ़ की नीयत करते हैं।

हजर-ए-असवद के सामने पहुँचकर अहद यानी वादे को याद करें। सीने समेत पूरे बदन को उसकी ओर मोड़ें, दोनों हाथ उठाएँ और “बिस्मिल्लाहि अल्लाहु अकबर” कहकर हजर-ए-असवद को सलाम करें।

सलाम करने के बाद दाएँ हाथ की हथेली के अंदरूनी हिस्से को ठीक एक बार इस नीयत से चूमें कि आप हजर-ए-असवद को चूम रहे हैं।

सिर्फ़ मर्द तवाफ़ के पहले तीन चक्करों में रमल करते हैं, यानी सीना आगे करके छोटे-छोटे, पूरे आत्मविश्वास और गरिमा वाले क़दमों से तेज़ चलते हैं।

भीड़ में अदब, सब्र और आसपास के लोगों के साथ नरमी बनाए रखें। UmrahAi सातों चक्करों में हमारे उलेमा की मंज़ूर की हुई दुआओं के क्रम के साथ आपका साथ देगा।

तवाफ़ की नीयत

अब तवाफ़ की नीयत का वक़्त है। अगर आप मर्द हैं तो पहले अपना दायाँ कंधा खोलकर इज़्तिबा करें।

फिर उमराह का तवाफ़ करने की नीयत करें। कुछ ही देर में आप काबा शरीफ़ के चारों ओर तवाफ़ शुरू करेंगे; नीयत में जल्दबाज़ी न करें, अपने दिल को उस इबादत की ओर लगाएँ जो आप करने वाले हैं।

अपनी साँसें सँभालें और सुकून के साथ तवाफ़ शुरू करें।

दुआ

اللَّهُمَّ إِنِّي أُرِيدُ طَوَافَ بَيْتِكَ الْحَرَامِ فَيَسِّرْهُ لِي وَتَقَبَّلْهُ مِنِّي

उच्चारण

अल्लाहुम्मा इन्नी उरीदु तवाफ़ा बैतिकल हरामि फ़यस्सिरहु ली व तक़ब्बलहु मिन्नी।

अर्थ

अल्लाह के नाम से, जो बहुत मेहरबान, निहायत रहम वाला है। ऐ मेरे रब! मैंने तेरी रज़ा के लिए उमराह का तवाफ़ करने की नीयत की।

कंधा ढकें

सिर्फ़ पुरुषों के लिए

आपने तवाफ़ पूरा कर लिया है। तवाफ़ के दौरान जो दायाँ कंधा खुला रखा था, अब उसे ढक लें।

इहराम की चादर ठीक से जमाएँ और अपना दायाँ कंधा पूरी तरह ढक लें। फिर अगले क़दम, यानी तवाफ़ की नमाज़, की तैयारी करें।

जल्दबाज़ी न करें; इहराम ठीक करें, कुछ साँसें लेकर ख़ुद को सँभालें और सुकून से इबादत के अगले क़दम की ओर बढ़ें।

तवाफ़ की नमाज़

तवाफ़ के बाद दो रकअत तवाफ़ की नमाज़ पढ़ें। यह नमाज़ वाजिब है। अगर नमाज़ का मकरूह वक़्त हो तो उसके ख़त्म होने के बाद पढ़ें; मुमकिन हो तो मक़ाम-ए-इब्राहीम के पीछे इसे पढ़ना सुन्नत है।

तवाफ़ के बाद दाएँ कंधे ढक लिए जाते हैं। मुमकिन हो तो मक़ाम-ए-इब्राहीम के आसपास किसी मुनासिब जगह पर, मर्द आगे और औरतें पीछे रहकर, बैतुल्लाह की ओर देखते हुए दो रकअत वाजिब तवाफ़ की नमाज़ पढ़ें।

तवाफ़ की नमाज़ पढ़ने की नीयत करें।
“मैंने अल्लाह तआला की रज़ा के लिए तवाफ़ की नमाज़ पढ़ने की नीयत की।”

पहली रकअत में सूरह अल-काफ़िरून और दूसरी रकअत में सूरह अल-इख़लास पढ़ने की सलाह दी गई है। जिन्हें ये सूरतें याद नहीं, वे नमाज़ में अपनी पसंद की कोई दूसरी सूरह पढ़ सकते हैं।

तवाफ़ में चलने के बाद अब इन दो रकअत के साथ अपने रब की ओर रुजू करें। नमाज़ में जल्दबाज़ी न करें; आपने जो इबादत की है, उसे अपने दिल में जगह पाने का मौक़ा दें।

ज़मज़म का पानी पिएँ

तवाफ़ की नमाज़ के बाद अब ज़मज़म का पानी पीने का वक़्त है। अपना पानी लें और इस नेमत पर शुक्र अदा करें।

सबसे मुनासिब जगह से गिलासों में ज़मज़म का पानी भर लें। खड़े होकर या बैठकर दुरूद शरीफ़ पढ़ें (अगर सलातुल-अंबिया पढ़ें तो “और इब्राहीम पर” के बाद “और इस्माईल पर” जोड़ें)। फिर बिस्मिल्लाह पढ़कर, अहम कामों के ख़ैर व ख़ूबी से पूरे होने की नीयत के साथ, दाएँ हाथ से ज़मज़म का पानी पिएँ; इसे तीन घूँट में पूरा करें। हर घूँट पीने से पहले “बिस्मिल्लाह” और पीने के बाद “अल्हम्दुलिल्लाह” कहें। इसके बाद यह दुआ पढ़ें:

اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ عِلْمًا نَافِعًا وَرِزْقًا وَاسِعًا وَشِفَاءً مِنْ كُلِّ دَاءٍ وَسَقَمٍ
(अल्लाहुम्मा इन्नी असअलुका इल्मन नाफ़िअन व रिज़्क़न वासिअन व शिफ़ाअन मिन कुल्लि दाइं व सक़म।)

अपने दिल की नेक मुरादें अल्लाह तआला से माँगें। अब आप अपने बदन और दिल को सई के लिए तैयार कर रहे हैं।

दुआ

اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ عِلْمًا نَافِعًا وَرِزْقًا وَاسِعًا وَشِفَاءً مِنْ كُلِّ دَاءٍ وَسَقَمٍ

उच्चारण

अल्लाहुम्मा इन्नी असअलुका इल्मन नाफ़िअन व रिज़्क़न वासिअन व शिफ़ाअन मिन कुल्लि दाइं व सक़म।

अर्थ

ऐ अल्लाह! मैं तुझसे फ़ायदेमंद इल्म, भरपूर रिज़्क़ और हर तरह की तकलीफ़ और बीमारी से शिफ़ा माँगता हूँ।

UmrahAi के साथ अपना उमराह क़दम-ब-क़दम करें

UmrahAi ऐप ये क़दम क्रम से दिखाता है और तवाफ़ और सई के दौरान दुआओं के सिलसिले के साथ आपका साथ देता है। यह ऑफ़लाइन भी काम करता है।

Google Play पर पाएँजल्द ही App Store पर

इस पेज के धार्मिक पाठ UmrahAi ऐप के उमराह फ़्लो से लिए गए हैं।

अहले सुन्नत के स्रोतों के अनुसार तैयार किया गया है।